किसान आंदोलन में व्यक्ति को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, 90% झुलसने के कारण  हुई मौत - Haryana Express

तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में एक बड़ी घटना सामने आई है। एक आंदोलनकारी को आग लगाकर मारने का मामला उपजा है। मृतक ने जलाने से पहले आंदोलन को लेकर जातीय टिप्‍पणी की थी, जिसके बाद उसे जलाने की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद आंदोलन फिर से सवालों के घेरे में है।

बहादुरगढ़ बाईपास पर गांव कसार के पास आंदोलन में गए गांव कसार के ही एक व्यक्ति को तेल छिड़ककर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति की कुछ घंटों बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। जींद के एक आंदोलनकारी पर तेल छिड़ककर आग लगाने का आरोप है। घटनास्थल पर आरोपित का एक वीडियो भी सामने आया है। वह जातिगत टिप्पणी कर रहा है। आंदोलन में शहीद होने का नाम देकर कसार निवासी मुकेश पर तेल छिड़का गया और फिर आग लगाई गई। इससे पहले उसे शराब भी पिलाई गयी।

मृतक के भाई के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्यारोपी अभी फरार है। पुलिस का दावा है कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव कसार निवासी मदन लाल पुत्र जगदीश ने बताया कि मेरा भाई मुकेश बुधवार शाम लगभग 5 बजे शाम को घर से घूमने के लिए निकला था, जो कि किसान आंदोलनकारियों के पास पहुंच गया। मुझे टेलीफोन से पता चला कि आपके भाई पर आन्दोलनकारियों ने जान से मारने की नीयत से तेल छिड़ककर आग लगा दी।

मैं तुरंत अपने गांव के पूर्व सरपंच टोनी को लेकर मौके पर पहुंचा तो मेरा भाई मुकेश गंभीर रूप से झुलसा हुआ था। उसे हम तुरंत सिविल अस्पताल लेकर आए। यहां उपचार के दौरान मुकेश ने बताया कि आंदोलन में एक व्यक्ति ने जिसका नाम कृष्ण है और सफेद कपड़े पहने हुए था उसने पहले शराब पिलाई और फिर उसे आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह झुलस गया।

सिविल अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसे मुकेश को चिकित्सकों ने रेफर कर दिया, परिजन उसे ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल लेकर गए, जहां पर रात को ही उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस संबंध में पहले जान से मारने का प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। मगर मौत होने के बाद अभी हत्या की धारा भी जोड़ दी गयी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का कुछ देर बाद सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

स्‍वजनों ने शव लेने से किया इनकार, कार्रवाई की मांग

मामले की जानकारी मिलने के बाद सिविल अस्पताल में कसार गांव के ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने डेड बॉडी लेने से इनकार कर दिया है। पोस्टमॉर्टम हो चुका है और ग्रामीणों ने शव को सिविल अस्‍पताल के सामने रख प्रदर्शन शुरू कर दिए है। ग्रामीणों को मनाने के लिए डीएसपी व विधायक नरेश भी पहुंचे थे, मगर वे नहीं माने। वहीं ग्रामीणों ने आंदोलनकारियों को कसार की सीमा से हटाने की मांग की है। ग्रामीण बोले कि इस आंदोलन के कारण गांव की बहू बेटी बच्चे असुरक्षा में रह रहे हैं।